सोंठ इन चीजों में करता है फायदा। सोंठ यानि सूखी अदरक के 11 फायदे।

सोंठ खाने के फायदे – आइए दोस्तों आज हम आपको बताने जा रहे हैं। सोंठ खाने के कुछ अचूक फायदे के बारे में बताएंगे। अदरक के सूखे हुए रूप को सोंठ कहते हैं। सोंठ खाने से हमारे शरीर में मजबूती आती है। ज्यादातर लोग सोंठ सर्दियों में खाते हैं।

यह सूट सर्दियों में बहुत ही गुणकारी होती है। सोंठ का इस्तेमाल तो बहुत सारे लोग करते हैं। क्योंकि यह बाजार में आपको कहीं भी आसानी से मिल जाती है। लेकिन सब यह नहीं जानते हैं।कि इसके क्या क्या फायदे हैं।

यह बताया जाता है। अदरक की तरह सूट में भी आईरन, कैलशियम, मैग्निशियम, फाइबर, सोडियम, विटामिन ए और विटामिन सी, जिंक, फैटी एसिड, पोटैशियम, जैसी पोषक तत्वों का भंडार है।

शॉर्ट भोजन के स्वाद कोई नहीं बढ़ाता है।बल्कि इसके सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। अदरक को सुखाकर सूट तैयार किया जाता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है। कि यह आप लंबे समय तक इस्तेमाल कर सकते है, और यह खराब नहीं होता है।

अगर आप इसका ज्यादा फायदा लेना चाहते हैं। तो रात को दूध में मिलाकर इसे पीना चाहिए। सूट का प्रयोग हमारे देश में मसाले के रूप में किया जाता है।इसमें मेडिसिनल प्रॉपर्टीज भी होती है। आइए जानते हैं।

सौंठ खाने के अचूक फायदे

1 सोंठ के फायदे गठिया और जोड़ों के दर्द में बहुत ही उपयोगी है‌। 100 ml पानी में 10 ग्राम सोंठ डालकर उबाल लीजिए। तथा उसमें चीनी मिलाकर के इसका काढ़ा बनाकर पीने से जोड़ों के दर्द और सूजन में बहुत आराम मिलता है। इसके साथ-साथ तिल के तेल में सौंफ पाउडर, जायफल पाउडर, मिलाकर उस तेल से यदि जोड़ों की मालिश की करे‌। तो और भी फायदा होगा।

2 एक कप सोंठ के काढे में नमक मिलाकर पीने से दिल को शक्ति मिलती है। ब्लड लो इनक्रीस होता है।

3 अगर आपके पेट में गैस हो गई है। तो सोंठ के पाउडर का गर्म पानी के साथ सेवन करने से बहुत फायदा होता है। इससे पाचन क्रिया जरूरत होती है, और वजन भी कम होता है।

4 सोंठ को पीसकर छानकर मिश्री मिले दूध में मिलाकर पीने से पेशाब के साथ खून आना, पेशाब करते समय, दर्द पेशाब का रुक रुक कर आना, आदि रोगों में बहुत लाभ मिलता है।

5 अगर आपके सिर में दर्द हो रहा है। तो सोंठ में थोड़ा पानी मिलाकर उसका गाढ़ा पेस्ट बना लीजिए। अब इस पेस्ट को माथे पर लगाइए, कुछ ही मिनटों में सिर का दर्द उड़न छू हो जाएगा।

6 सौंफ का सेवन करने से शरीर में पसीना आता है। जिससे विषैले पदार्थ शरीर से बाहर निकलते हैं। बुखार में भी आराम मिलता है।

7 सोंठ को दूध में उबालकर ठंडा करके पीने से हिचकी आना बंद हो जाती है।

8 जुकाम और खांसी होने पर शहद के साथ इसका सेवन कीजिए, या फिर सोंठ का काढ़ा बनाकर पीजिए। इससे आपको बहुत लाभ होगा।

9 सोंठ में एंटी कैंसर प्रॉपर्टी होती है। ये कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकती है, और कई तरह के कैंसर से हमें बचाने का काम करती है।

10 दस्त होने पर सोंठ सेंधा नमक, जीरा पाउडर, बराबर मात्रा में मिलाकर, इसका एक चम्मच चूर्ण छाछ के साथ मिलाकर खाने से पुराने से पुराने दस्त भी ठीक हो जाते हैं।

11 अगर आपके दांत या डांढ में दर्द हो रहा है। जो इसमें आपको सोंठ का काढ़ा बनाकर उससे कुल्ला कर लीजिए। आपको काफी आराम मिलेगा।

12 5 ग्राम सोंठ और 5 ग्राम गुड़ को पानी में उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर रोज पीना चाहिए। इसका सेवन करने से मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं, पीरियड से जुड़ी हुई समस्याओं, जैसे पीरियड में होने वाला दर्द, पीरियड्स का रुक रुक कर होना, या बार बार होना या फिर ज्यादा होना। इन सभी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है।

सोंठ का दूध में मिलाकर सेवन करने के फायदे

इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत करने में सहायक

सोंठ में वह जरूरी सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो शरीर के बेहतर कामकाज के लिए जरूरी है। यह विटामिन सी, जिंक, तथा आयरन, का बड़ा सूत्र हैं।इसके नियमित सेवन से सर्दी जुकाम और संक्रमण के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

कि शरीर को भीतर से मजबूत बनाकर रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ाता है। जोड़ों के दर्द के लिए रामबाण, जोड़ों में तेज दर्द और सूजन की समस्या है। तो सोंठ वाला दूध पीये यह आपके लिए लाभकारी होता है।

दिन में कितनी बार सोंठ डर का प्रयोग करना चाहिए

सोंठ का इस्तेमाल आप पाउडर के रूप में कर सकते हैं। कांढे के रूप में भी कर सकते हो। इसका पाउडर के रूप में कितना इस्तेमाल करना चाहिए। इसका इस्तेमाल आप दो चुटकी से चार चुटकी कर सकते हैं। मतलब इसका इस्तेमाल 250mg से लेकर 500mg तक दिन में दो बार सुबह और शाम को इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

कुछ बीमारियों में दिन में तीन बार भी का इस्तेमाल करते हैं। सबसे बड़ी बात यह है। कि इसकी कोई आदत नहीं होती है। सोंठ पाउडर को हम जरूरत के हिसाब से ले सकते हैं। इसलिए इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

इससे यह किसी भी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं करती है।अगर आप इसका इस्तेमाल किसी बीमारी को खत्म करने के लिए कर रहे हैं। तो जब यह बीमारी खत्म हो जाती है। तो आप इसका सेवन करना बंद कर सकते हो।इसको बंद करने के बाद आपको किसी भी प्रकार की आदत नहीं पड़ेगी।