मुसलमान को काबू में कैसे करें , मुसलमान भाई को कैसे काबू में किया जाए? Musalman ko kabu mein kaise karen

मुसलमान को काबू में कैसे करें Musalman ko kabu mein kaise karen

मुसलमानों को काबू में कैसे करें मुसलमान को काबू में कैसे करें,जी हां दोस्तों मुसलमान लोग भी हमारे भारत देश का एक हिस्सा ही है, फिर भी कई सारे लोग यह सवाल करते हैं, कि मुसलमानों को काबू में कैसे करें, तो हम यह पूछते हैं, की मुसलमानों को काबू में क्यों करना है।.

इसलिए मुसलमानों को काबू में करना है, क्या मुस्लिम इंसान नहीं होते हैं, लेकिन फिर भी कई सारे लोगों को यह जानना होता है, कि मुसलमानों को काबू में कैसे करें, मुसलमान बहुत ही अच्छे लोग होते हैं ।.

जिस प्रकार हिंदू जाति के लोग अच्छे होते हैं, इसी प्रकार मुसलमान जाति के लोग बहुत अच्छे हैं, बस यह तो एक जाति का भेद है, जो कि मुसलमान और हिंदू को एक दूसरे से दूर किया हुआ है, तो अब हम डिस्कस करते हैं, कि मुसलमानों को काबू में कैसे करें।

वैसे तो दोस्तों मुसलमान भाई भी हमारे भाई की तरह ही है, जिस प्रकार हिंदू हिंदु भाई होते हैं उसी प्रकार मुसलमान भी भाई की तरह ही होते हैं, लेकिन यह तो हमारे मन का वहम होता है, कि मुसलमान अलग होते हैं और हिंदू अलग होते हैं, लेकिन आप अपने मन के अंदर का यह मेल निकाल देना चाहिए।

इसीलिए हमें मुसलमान और हिंदू दोनों को एक ही नजर से देखना चाहिए और आपके मन के अंदर जो यह मुसलमान को काबू कैसे करें बात आई है, आप इसे भी अपने दिमाग से निकाल दीजिए, क्योंकि यह कोई सवाल नहीं है कि मुसलमान को कैसे करें।

मुसलमानों के साथ भी बहुत अच्छा व्यवहार करें और मुसलमान को अपना भाई समझे और मुसलमान को काबू करने का यह जो विचार आपके दिमाग में आता है। वह बिल्कुल गलत है, कि मुसलमान को काबू कैसे करें, यह विचार अपने दिमाग से निकाल दे।

दोस्तों हमें कभी हमारे मन के अंदर यह विचार नहीं लाना चाहिए, कि हमें मुसलमान को काबू करना है, क्योंकि मुसलमान भी आजाद है, जिस प्रकार भारत में सभी हिंदू लोग आजाद है। उसी प्रकार पूरे विश्व में मुसलमान भी आजाद है।

वह अपनी जिंदगी अपने तरीके से और अपने हिसाब से जी सकते हैं और जीते आए हैं, इसीलिए हमें किसी की जिंदगी में दखलअंदाजी नहीं देनी चाहिए और जो लोगों के ऊपर यह भूत सवार है, कि मुसलमान को काबू में कैसे करें, तो यह अपने दिमाग से बिल्कुल भी निकाल दे‌।

क्योंकि किसी को भी काबू करना हमारे हाथ में नहीं है और हमें जबरदस्ती किसी को काबू नहीं करना चाहिए। हम जबरदस्ती किसी को भी काबू नहीं कर सकते हैं चाहे वह मुसलमान हो या हिंदू हो ।

इसके अलावा अगर कोई भी आपसे पूछे कि मुसलमान को कैसे काबू करें, तो आप उसे यह समझाना चाहिए कि मुसलमान को काबू करने की जरूरत नहीं है और आपको उसे इस बात पर समझाना चाहिए कि मुसलमान को काबू नहीं करना है।

इसके अलावा आप लोगों को यह समझाना चाहिए, कि मुसलमान भाई भी इंसान है, उन्हें भी पूरी आजादी के साथ रहने का अधिकार है और यह हमारे कानून ने भी स्वीकार कर लिया है कि कानून के हिसाब से चाहे मुसलमान हो चाहे हिंदू हो दोनों एक समान है।

इसीलिए इस तरह के सवालों को पूछना थोड़ा अजीब सा लगता है, लेकिन हम समझदार है और हमें इस बात में यह समझदारी दिखानी चाहिए, कि हमें मुसलमान को काबू में कैसे करें, इसके बारे में चर्चा नहीं करनी चाहिए।