मोक्ष क्या है – moksh kya hai ? moksha in hindi – दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कि मोक्ष क्या होता है? आपने बहुत बार सुना है कि “मैं मोक्ष की प्राप्ति चाहता हूं”

आपने लोगों के मुंह से यह तो बहुत बार सुना है लेकिन क्या आपको पता है की असल में मोक्ष क्या होता है?

मोक्ष किसको कहते हैं तथा मोक्ष की प्राप्ति कैसे होती है?

इसके साथ ही क्या यह भी जानते हैं कि मोक्ष प्राप्ति का मंत्र क्या है यानी मोक्ष को कैसे प्राप्त किया जाता है?

अगर आपको मोक्ष तथा मोक्ष मंत्र के बारे में पता नहीं है तो चलिए आज के आर्टिकल में इसी के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

जन्म और मृत्यु के चक्कर से मुक्त हो जाना है तथा सर्वशक्तिमान बन जाना मोक्ष यानी मोक्ष की प्राप्ति कहलाता है।

सनातन धर्म में हमको मोक्ष प्राप्ति के सैकड़ों मार्ग मिल जाएंगे जिन पर चलकर हम मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं।

लेकिन भागवत गीता में मोक्ष प्राप्ति के मार्ग को चार भागों में बांटा गया जिन्हें हम कर्म योग, भक्ति योग, सांख्य योग तथा ज्ञान योग।

हमारे हिंदू धर्म के अनुसार हर मनुष्य का धर्म , अर्थ , काम और मोक्ष में से मोक्ष प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अंतिम लक्ष्य माना जाता है।

लेकिन अधिकतर लोग अर्थ और काम में उलझ कर ही मर जाते हैं और उनको मरते वक्त इसका पता चलता है।

प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में किसी न किसी प्रकार की मुक्ति प्राप्त करना चाहता है, फिर चाहे वह बंधनों से मुक्ति हो, दुखों से मुक्ति हो या फिर जेल से मुक्ति हो।

मोक्ष मंत्र – moksha mantra

मोक्ष मंत्र कौनसा है? – दोस्तों हिंदू धर्म शास्त्रों में हर समस्या का हल निकालने के लिए मंत्र बनाए गए हैं।

जिन मंत्रों का उपयोग करके हम किसी भी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

और यह जितने भी मंत्र बताइए किए हैं यह प्राचीन काल में ऋषि मुनियों द्वारा सिद्ध किए गए हैं।

और यह किसी न किसी देवी देवता से संबंधित होते हैं।

यानी कि जब भी हम किसी मंत्र का जाप करते हैं तो वह किसी देवी तथा देवता का ध्यान करना माना जाता है।

और जब हम यह काम करते हैं तो देवी देवता हम से प्रसन्न होते हैं तथा उनकी कृपया हम पर बनी रहती है
और हमारी सारी समस्या दूर हो जाती है।

लेकिन क्या आपको पता है कि इन मंत्रों का उपयोग कब किया जाता है ।

अगर आप भी जीवन में किसी समस्या से गिरे हुए हो और आपको कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है।

तो आप भी इन मंत्रों का उपयोग करके अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।

लेकिन मंत्र जाप करते समय आपको एक बात जरूर ध्यान रखनी होगी कि आप मंत्रों का उच्चारण एकदम सही करें।

अन्यथा आपको गलत परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

मंत्र कितने प्रकार के होते हैं? – moksh kitne prakar ke hote Hain?

दोस्तों हिंदू धर्म शास्त्रों में मंत्रों को तीन भागों में बांटा गया यानी कि मंत्र तीन प्रकार के होते हैं।

जिन्हें प्राचीन काल में यानी सतयुग में ऋषि-मुनियों द्वारा तपस्या करके भगवान को प्रसन्न करने के लिए जिन मंत्रों का इस्तेमाल किया था।

यह मंत्र आज हम भी उपयोग करते हैं ताकि हमारे जीवन में जितनी भी समस्याएं हैं वह समाप्त हो जाए।

यह जितने भी मंत्र होते हैं यह सारे मंत्र संस्कृत भाषा में होते हैं।
इसलिए हमको इनका उच्चारण सही तरीके से करना चाहिए।

चलिए अब जान लेते हैं मंत्र के निम्नलिखित प्रकार होते हैं।

  1. सात्विक मंत्र।
  2. साबर मंत्र।
  3. तांत्रिक मंत्र।

इन मंत्रों के जाप की सलाह आपको आपकी आवश्यकता के अनुसार दी जाती है।

इनमें आपको बहुत सारे ऐसे भी मंत्र मिल जाएंगे जो आपको मृत्यु पर भी विजय दिला सकते हैं।

महामृत्युंजय मंत्र का जाप करके आप अपने ऊपर आए हुए संकट यानी काल को भी टाल सकते हैं।

महामृत्युंजय मंत्र इस प्रकार है:-

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्द्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धानान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।

इस मंत्र का जाप करते समय आपको इसका उच्चारण एकदम सही तरीके से करना है ।

और यह इस मंत्र का जाप आप तब तक करें जब तक कि आपको कहा गया है।

मोक्ष प्राप्ति मंत्र – मोक्ष प्रदान करता है यह मंत्र।

अब हम आपको मोक्ष प्राप्ति मंत्र के बारे में बताएंगे जिनका जाप करके आप मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं।

इस मंत्र को तो आप भली-भांति जानते ही होंगे बचपन से ही हमको यह मंत्र स्कूल में तथा घरों में काफी बार जपने का मौका मिला है।

यह मोक्षदायिनी गायत्री मंत्र है। यह कहने में तो सरल है लेकिन प्रभाव में अचूक होता हैं।

अगर हम गायत्री मंत्र का पाठ रोजाना करते हैं तो यह आपको सांसारिक मोहमाया से दूर करता है तथा अंतिम समय में मोक्ष की प्राप्ति कराता है।

मोक्ष मंत्र या मोक्षदायिनी मंत्र इस प्रकार है:-

।।ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।।

moksha prapti ke upay – मोक्ष प्राप्ति के उपाय क्या हैं?

मोक्ष प्राप्ति का मार्ग :- अब दोस्तों हम आपको बताएंगे कि मोक्ष प्राप्ति के उपाय क्या है ?

क्या आप जानते हैं कि आप ऐसे कौन-कौन से उपाय यह जिनको करके मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं।

आज के इस घोर कलयुग में हर कोई चाहता है कि उसे मोक्ष की प्राप्ति हो।

लेकिन उसके पाप कर्म दुष्कर्म इतने बढ़ गए हैं कि यह संभव होना पहले से ज्यादा कठिन हो गया है।

लेकिन ऐसे बहुत सारे रास्ते हैं जिन पर चलकर आप भी मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं।

चलिए आज हम उन्हीं रास्तों के बारे में बताएंगे जिन पर चलकर आप मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं।

  1. भक्ति मार्ग:- भगवान की यानी ईश्वर की भक्ति करना भी मुक्ति का एक मार्ग माना जाता है।

इस भक्ति में इंसान ईश्वर को किसी भी रूप में याद करके मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है।

जैसे आप भजन कीर्तन, नाम जप- स्मरण, मंत्र जप, वंदन, पूजा आरती तथा प्रार्थना को भी शामिल कर सकते हैं।

  1. योग:- योग को भी मोक्ष के मार्ग की सीढ़ियां माना जाता है यानी आप योग करके भी मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं।

इसके लिए आपको नित्य योग की जरूरत होगी जिस प्रकार से प्राचीन काल में ऋषि तथा मुनि करते थे।

  1. ध्यान करना :- ध्यान करके भी आप मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं। ध्यान का अर्थ होता है कि शरीर तथा मन की तंद्रा को तोड़कर होश में आ जाना।
  2. संध्या वंदन:- आप प्रांत:, मध्य और सायकाल में संध्या वंदन करके भी मोक्ष की प्राप्ति पा सकते हैं। संध्या काल की संध्या वंदन काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
  3. तंत्र मार्ग :- आप तांत्रिक मार्ग से भी मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं यानी मोक्ष प्राप्ति का तांत्रिक मार्ग भी है।

तांत्रिक मार्ग का मतलब होता है कि किसी भी वस्तु को बलपूर्वक हासिल करना, हमें तंत्र को गलत अर्थ में नहीं लेना चाहिए

  1. कर्म और आचरण :- भगवान श्री कृष्ण ने भागवत गीता में 20 आचरण का उल्लेख किया है। जिसका पालन करके हर कोई मनुष्य अपने जीवन में पूर्ण सुख तथा जीवन के बाद मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है। इन 20 आचरणों को जानने के लिए आप गीता पढ़े।
  2. ज्ञान :- साक्षी भाव द्वारा विशुद्ध आत्मा का ज्ञान प्राप्त करना भी मोक्ष प्राप्ति का मार्ग माना जाता है।

साक्षी भाव तब उत्पन्न होता है जब हम ईश्वर, ब्रह्मांड, जीवन , आत्मा , जन्म और मृत्यु आदि के प्रश्नों से उत्पन्न हुए मानसिक द्वंद्व को साइड में रख कर निर्विचार को ही महत्व देते हैं।

इसके लिए हम को वेद , उपनिषद और गीता के श्लोकों का अर्थ समझना पड़ेगा।