गर्भपात होता क्या है? गर्भपात को कैसे रोकते हैं? गर्भपात के घरेलू उपचार क्या क्या होते हैं?

आइए दोस्तों हम आपको आज बताते हैं, कि गर्भपात के घरेलू उपचार क्या होते हैं। और उसको रोकने के लिए हमें क्या उपाय करने चाहिए, ताकि गर्भपात जैसी समस्या ना हो।

गर्भपात के बाद आपको अपनी स्थिति सुधारनी चाहिए ,क्योंकि गर्भपात के पश्चात महिलाओं में बहुत कमजोरी आ जाती हैं।

garbhpat आपको बड़ी सावधानी के साथ करना चाहिए ,गर्भपात करने के बाद आप अपनी गतिविधियों को सावधानी पूर्वक करें।

कुछ महिलाएं गर्भपात के तुरन्त बाद ही अपनी पहले वाली दिनचर्या में आ जाती हैं। जैसे वह पहले करती थी गर्भपात के बाद भी वही करती है।

परंतु ऐसा माना जाता है कि गर्भपात के बाद महिलाओं को कुछ दिन तक आराम करना चाहिए। क्योंकि गर्भपात के बाद महिला का शरीर बहुत ही कमजोर हो जाता है।

गर्भपात के बाद हमें महिलाओं का और भी ज्यादा ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि गर्भपात के बाद महिलाएं बहुत कमजोर हो जाती है । गर्भपात के बाद महिलाओं को अनेक प्रकार के परहेज करने पड़ते हैं।

गर्भपात के बाद होने वाली समस्याएं? (Garbhpat ke bad hone wali samasya)

अब हम आपको बताते हैं गर्भपात के बाद होने वाली समस्याओं के बारे में जी हां दोस्तों गर्भपात कराने के बाद सभी महिलाओं को कोई न कोई समस्या जरूर होती है गर्भपात के बाद महिलाओं को अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गर्भपात के बाद महिलाओं को अनेक चीजें से जानलेवा खतरा हो सकता है।

गर्भपात के बाद अगर महिलाओं की योनि से कोई गंदा पदार्थ निकलता है या फिर बदबू आती हैं, या फिर बुखार आती हैं, या फिर पेट के निचले हिस्से में दर्द होता हैं, या ज्यादा ब्लडिंग होती हैं।

अगर महिलाओं को यह सारी समस्याएं गर्भपात के बाद होती है ,तो यह बहुत ही हानिकारक माना जाता है। इससे महिलाओं की जान को भी खतरा हो सकता है।

इसलिए अगर महिलाओं को गर्भपात के बाद यह सारी समस्याएं होती है, तो महिला को जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

गर्भपात के बाद कैसे पता करें कि गर्भपात हुआ या नहीं? (Garbhpat ke bad kaise pata Karen ki garbhpat huaa yah nhi)

अब जानते हैं कि अगर आप पता करना चाहते हैं गर्भपात के बाद गर्भपात हुआ या नहीं तो,गर्भपात का पता लगाने के कई सारे कारण दिखाई देते हैं जैसे कि गर्भावस्था के बाद कुछ दिन तक तो ब्लडिग (blooding) होती रहेगी।

लेकिन इसके बाद भी महिलाओं को प्रेगनेंसी की जांच कर लेनी चाहिए। लेकिन यह गर्भपात के तुरंत बाद नहीं करनी चाहिए, महिलाओं को ब्लडिंग समाप्त होने के बाद दो-तीन सप्ताह बाद
Pregnancy kit से करनी चाहिए।

तो आपको result बिल्कुल ही सही बताएगा । ब्लडिंग रोकने के तुरंत बाद आपको सोनोग्राफी sonografi करानी चाहिए। इससे आपको पता चल जाएगा कि आप का गर्भपात अच्छे से हुआ या नहीं।

गर्भपात के बाद में क्या क्या खाना चाहिए?(garbhpat ke bad kya kya khana chahie)

कई सारी महिलाएं हमसे यह सवाल करती है कि गर्भपात के बात क्या क्या खाना चाहिए जी हां दोस्तों गर्भपात के बाद खाने में हमें अच्छी डाइट लेना चाहिए जिससे कि हमारे शरीर में जो भी कमजोरी आई हुई रहती है वह पूरी हो जाती है

लेकिन गर्भपात के बाद आने वाली कमजोरी को दूर करने के लिए आपको गर्भपात के बाद बराबर मात्रा में डाइट लेनी चाहिए डॉक्टर के बताए अनुसार आपको उन चीजों का सेवन करना चाहिए जो आपके शरीर को ताकत पहुंचाएं

गर्भपात के बाद महिलाओं को फास्ट फूड नहीं खाना चाहिए, पपीते का सेवन भी नहीं करना चाहिए ,गर्भपात के बाद महिलाओं को पोषण से भरपूर खाना खाना चाहिए ।

सबसे ज्यादा दूध पीना चाहिए ,गर्भपात के बाद महिलाओं का शरीर बहुत ही नाजुक हो जाता है।

प्रेगनेंसी रोकने के घरेलू उपाय
pregnancy rokne ke gharelu upay

आजकल प्रेग्नेंसी रोकने के लिए कई सारी महिलाएं घरेलू उपाय भी करती है। इसके अलावा कई सारी महिलाएं प्रेगनेंसी को रोकने के लिए दवाइयों का सेवन भी करती है।

पहले की महिलाएं प्रेगनेंसी को रोकने के लिए कई प्रकार के घरेलू उपाय करती थी, क्योंकि पहले दवाइयों का इतना चलन नहीं था, इसलिए प्रेगनेंसी रोकने के लिए महिलाएं घरेलू उपाय करती थी।

हम घर बैठे भी अनेक तरह से प्रेगनेंसी रोक सकते हैं डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है हम घरेलू उपाय से प्रेगनेंसी रोक सकते हैं।

garbh girane ke upay गर्भ गिराने के उपाय?

गर्भावस्था महिला को एक गिलास दूध के अंदर एक गाजर का रस डाल कर उसे आधा होने तक उबालें और उसके बाद गर्भवती महिलाओं को उसका सेवन करने के लिए दें , प्रतिदिन इसका सेवन करने से गर्व नहीं ठहर रहा हो वह इस नुस्खे को आजमा सकते हैं, यह बहुत ही फायदेमंद नुस्खा है।

गर्भपात से बचने के उपाय Garbhpat se bachne ke upay

आइए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं कि गर्भपात से बचने के उपाय Garbhpat se bachne ke upay गर्भपात से बचने के अनेक घरेलू अनेक उपाय होते हैं जी हां दोस्तों गर्भपात से बचने के लिए महिलाओं को अपना पूरा ध्यान रखना चाहिए

अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है तो उसको किसी भी तरीके की परेशानी नहीं होनी चाहिए और गर्भवती महिला को बिल्कुल भी चिंता या थकान नहीं होनी चाहिए अगर प्रेग्नेंट महिला को चिंता या थकान होती है तो उससे भी महिला का गर्भपात हो सकता है

गर्भपात से बचने के लिए हमें कई सारी चीजों का ध्यान रखना चाहिए जैसे कि हम आपको बताते हैं।

(1) गर्भपात रोकने के लिए महिलाओं को सोंठ का उपयोग करना चाहिए।

गर्भधारण करने के बाद महिलाओं को रोजाना 250ग्राम दूध में आधा चम्मच सोंठ का डालकर पीना चाहिए ,क्योंकि इस से गर्भपात का खतरा नहीं होता है।

(2) हरी दूब के पंचांग (जड़ ,तना, फूल, पत्ती ,फल) का रस बनाकर 200 ग्राम दूध में मिलकर पीना चाहिए, इससे गर्भपात का खतरा नहीं होता है।

(3) गाय का ठंडा किया हुआ दूध और जैठीमधु का काढ़ा बनाकर पिलाए। साथ ही इस काढे को नाभि के नीचे की तरफ लगाएं इस से गर्भपात का कम खतरा होता है।

(4) एक पके हुए केले को मत कर उसमें शहद मिलाकर गर्भवती महिला को खिलाएं इससे गर्भपात नहीं होता।

bacha girane ke nuskhe in hindi बच्चे गिराने का घरेलू नुक्सा

आप जानते हैं बच्चे गिराने का घरेलू नुस्खा कौन सा है जी हां दोस्तों कहीं सारे कपल्स उसको यह पता नहीं होता है कि उन्हें किस समय पर सेक्स करना चाहिए जैसे कि उन्हें बच्चा ना हो इस बात का पता ना होने के कारण कई सारे कपल्स ऐसे ही कर लेते हैं

जिससे कि बाद में उन्हें जाकर यह पता चलता है कि उनकी पत्नी प्रेग्नेंट है तुम वह पूछते हैं कि बच्चा गिराने का घरेलू नुस्खा कौन सा है तो हम आपको बताते हैं कि हम आपको बच्चा गिराने का घरेलू नुस्खा बता देते हैं

लेकिन उसने उसके का प्रयोग आप ध्यान से करें, कि वह जैसे की हम आपको बताते हैं बच्चे गिराने का घरेलू उपाय बच्चे गिराने का घरेलू उपाय अनेक तरह से किया जा सकता है।

बहुत अधिक दौड़ने से व्यायाम करने से शुरुआती दिनों के गर्भ गिर जाते हैं। इसलिए आप अनेक बार सीढ़ियां उतरे- चढ़े, भारी सामान उठाए, पेट के बल कार्य करें। इससे आपका गर्भ गिरने की संभावना होती है।

how to miscarriage pregnancy at home in Hindi

गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में भूर्ण का मर जाना मिसकैरेज कहलाता है प्रेगनेंसी के 20वे हफ्ते से पहले भुर्ण के नष्ट होने को मिसकैरेज नाम दिया जाता है।

मिसकैरेज होने पर पेट में दर्द होना, एडन, धीरे-धीरे वेजाइनल ब्लडिन का बढ़ना, कमर में दर्द होना, बेवजह थकान होना, कमजोरी होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं।

miscarriage kaise hota hai
मिसकैरेज कैसे होता है मिसकैरेज की वजह?

miscarriage ki wajah आइए आज हम आपको बताते हैं कि मिसकैरिज कैसे होता है मिसकैरेज और मिसकैरेज वजह क्या होती है मिसकैरेज होने के बहुत से तरीके होते हैं। जैसे कि हम आपको बताते हैं, अगर गर्भवती महिलाए भारी सामान उठाती है, तो गर्भ गिरने की संभावना होती है।

गर्भवती महिला पपीता,अंजीर जैसी चीजें का सेवन करती है तो भी मिसकैरेज(miscarriage) होने की संभावना होती है ।

अगर गर्भवती महिलाएं प्रेग्नेंसी के समय पेट के बल कोई कार्य करती है तब भी मिसकैरेज होने की chance होते हैं।

इसके अलावा अगर किसी भी गर्भवती महिला को चिंता या टेंशन हो जाती है तो इससे भी मिसकैरेज हो सकता है

इसके अलावा मिसकैरेज होने के लिए छोटी सी चोट ही बहुत होती है अगर किसी महिला को पेट के अंदर छोटी सी भी चोट लग जाती है तो उससे मिला का बच्चा समाप्त हो जाता है

तो दोस्तों अब तो आप समझ ही गए होंगे कि मिसकैरिज कैसे होता है मिसकैरिज होने की क्या क्या वजह होती है

गर्भपात करने के तरीके garbhpat karne ke tarike

अगर किसी गर्भिणी को विटामिन सी वाले फल खासकर आंवला अधिक मात्रा में देना चाहिए , गर्भपात होने की अधिक संभावना हो जाती है। इसलिए बिटामिन वाली चीजों का अधिक मात्रा में सेवन ना करें।

पुदीना- पुदीने का तेल या पुदीने की चाय रोज सेवन करने से गर्भपात हो सकता है। इसलिए गर्भावस्था में इनके सेवन से परहेज करें।

गर्भपात करने के लिए आयुर्वेदिक दवाई कौन सी है ayurvedic medicine for abortion in hindi

आयुर्वेदिक में नीम अदरक समेत कहीं ऐसी उपयोगी चीजें हैं जो अनचाहे गर्भ की समस्या से छुटकारा दिलाता है।

आयुर्वेदिक के अनुसार प्रेगनेंसी को रोकने के लिए अंजीर बहुत ही फायदेमंद होता है।

अदरक का सेवन करने से भी गर्भ से छुटकारा मिलता है। जी हां दोस्तों इन आयुर्वेदिक चीजों से आप गर्भपात से छुटकारा पा सकते हैं।

गर्भपात होने के कारण garbhpat hone ke Karan

चलिए जानते हैं कि गर्भपात होने का क्या कारण होता है गर्भपात किस वजह से होता हैं
पेट पर ज्यादा दबाव पड़ना या चोट लगना, गर्भवती महिला के पेट पर कोई चोट लगती है या दबाव पड़ता है, तो उसकी वजह से गर्भपात होता है।

महिलाओं को योनि में संक्रमण होना आम बात है। ऐसे में बार बार होने वाला मंभ गर्भपात का कारण भी हो सकता है।

पहले महीने में गर्भपात के लक्षण pahle mahine mein garbhpat ke lakshan

योनि में गहरे लाल या भूरे रंग का रक्त स्त्राव होना। गर्भपात का अहम लक्षण होता है। इस दौरान स्पाटिगऍ खून के थक्के या अत्यधिक रक्त बहना होता है।
पेट में तेज दर्द गर्भावस्था मैं होता है। लेकिन कभी-कभी यह दर्द असहनीय भी हो सकता है।

kya khane se miscarriage hota hai क्या खाने से मिसकैरेज होता है?

आइए बताते हैं कि क्या खाने से मिसकैरेज होता है, यानी कि गर्भ कितना है।
पपीता खाने से मिसकैरेज होने की संभावना होती है, बता दे कि पपीता उन महिलाओं को खाने के लिए बताया जाता है, जिनके पीरियड समय पर नहीं आते हैं।

पपीते में लेटेक्स होता है। जो यूटेराइन कॉन्ट्रक्शन शुरू कर देता है। इसका मतलब है कि समय से पहले लेबर पेन होना शुरू हो जाता है।

बच्चा गिराने के तरीके bacche girane ke tarike?

हम आपको बताते हैं कि घरेलू उपायों से हम बच्चे को कैसे करवा सकते हैं।

जैसे की हम आपको बताते हैं पपीता जितना सेहतमंद है उतना ही यह गर्भवती महिला के लिए हानिकारक फल होता है।

ऑक्सीटॉसिन और प्रोस्टाग्लैंडइन से भरपूर पपीता गर्भाशय में संकुचन पैदा करता है।
इस फल में फाइटोकेमिकल्स भी होता है। जोकि प्रोजेस्टेरोन की एक्टिविटी को प्रभावित करता है। पपीते का सेवन करने से बच्चे गिरने का संभव होता है।

प्रेग्नेंसी रोकने के घरेलू तरीके
Pregnancy rokne ke gharelu tarike?

अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने के लिए दिन में करीब 1500 मिलीग्राम विटामिन का सेवन करने से गर्भ नहीं ठहरेगा।क्योंकि यह बच्चेदानी में बनने वाले प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन को बनने से रोकता है। इस प्रक्रिया से आप अनचाही प्रेगनेंसी से छुटकारा पा सकते हैं।

अदरक को पीसकर पानी में उबालें। अब इस पानी को खोलने दे। जब यह आधा हो जाए तब इसे पिए। अदरक की चाय आप दिन में दो बार पिए। इससे गर्भ नहीं रुकता।

बच्चा ना होने की दवा bacche na hone ki dava ka naam?

बच्चे ना होने की दवा का नाम हम आपको बताते हैं कि बच्चे ना होने की दवा का नाम है।

अनुसंधानकर्ताओं ने एलोवेरा नाम का एक बेहद असरदार गर्भनिरोधक वेजाइनल रिंग विकसित किया ।
जिससे बड़ी आसानी से वजाइना मैं इंसर्ट किया जा सकता है, यह अनचाही प्रेगनेंसी से बचने मैं कारगर माना जाता है, एक रिंग का इस्तेमाल पूरे 1 साल तक कर सकते हैं।

निष्कर्ष

तो दोस्तों अब तो आप लोग जान ही गए होंगे कि गर्भपात के बाद घरेलू उपचार कौन से करनी चाहिए इसके अलावा हमने आपको प्रेगनेंसी से जुड़े कई सारी बातें बताई है

इसमें हमने आपको बताया कि miscarriage meaning in Hindi miscarriage kaise hota hai इसके अलावा भी हमने आपको यह भी बताया है कि घर पर किस प्रकार आप गर्भपात कर सकते हैं

इसके अलावा दोस्तों आपने यह भी पढ़ा होगा कि हमने इसमें आपको गर्भपात से बचने के उपाय भी बताए हैं और गर्भ गिराने के उपाय भी बताएं

अगर कोई भी कपल जल्दी प्रेगनेंसी नहीं चाहता है तो उसे क्या करना चाहिए

इसके अलावा अपने प्रेगनेंसी रोकने के घरेलू उपाय भी पढ़ा होगा और प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को क्या-क्या खाना चाहिए इसके बारे में भी हमने आपको पूरी जानकारी दी है

गर्भपात के बाद होने वाली समस्याओं के बारे में भी बताया है कि गर्भपात के बाद आपको कौन-कौन सी समस्या हो सकती है

इसके अलावा किस प्रकार आप यह पता कर सकते हैं कि आपका गर्भपात हुआ है या नहीं