जनन किसे कहते हैं? janan kise kahate hain जनन कितने प्रकार के होते हैं? निषेचन किसे कहते हैं?

जनन किसे कहते हैं? janan kise kahate hain

जनन क्या है आइए दोस्तों अब हम आपको बताते हैं जनन किसे कहते हैं। (janan kise kahate hain)janan की क्रिया क्या होती है। जनन (janan) कैसे होता है जनन (janan) के लिए क्या करना पड़ता है।

प्रकृति का नियम है, कि पृथ्वी (earth) पर जिसका जन्म (janm) हुआ है। उसकी मृत्यु(mrutyu) निश्चित है। मतलब जिस व्यक्ति का जन्म पृथ्वी पर हुआ है। उस व्यक्ति की मृत्यु निश्चित होती है।

इसीलिए जनन (janan) की प्रक्रिया से पृथ्वी पर संतुलन बना रहता है। पृथ्वी पर जो भी आया है, जैसे मनुष्य पशु पक्षी पेड़ पौधे सभी को 1 दिन समाप्त होना है।

जनन का मुख्य कारण अपने वंश (vansh)को आगे बढ़ाना होता है। किस प्रकार मनुष्य के प्राणी जन्म लेता है, तो उसे अपने वंश (vansh) को आगे बढ़ाने के लिए ही किसी नए वंश (vansh) को जन्म देना पड़ता है।

जनन किसे कहते हैं? janan kise kahate hain

चलिए अब हम आपको बताते हैं। जनन किसे कहते हैं। एक प्राणी या जानवर से पैदा हुए वह वंश को जन्म कहते हैं।

जब किसी व्यक्ति के कोई बच्चा (baccha)पैदा होता है। उसे जनन (janan) कहते हैं, और जब कोई जानवर के बच्चा (baccha)पैदा होता है। उसे जनन (janan) कहा जाता है।

पेड़ पौधों के बीज द्वारा नए पौधे उत्पन्न होते हैं। अब तो आप समझ ही गए होंगे, कि janan किसे कहते हैं। जनन (janan)की क्या क्रिया होती है।

अब हम आपको बताते हैं।

जनन कितने प्रकार के होते हैं। Janan दो प्रकार के होते हैं।

1 लैंगिक जनन
2 अलैंगिक जनन

janan kise kahate hain

जनन क्या है (Janan Kise Kahate Hain) :- जीवों में अपने ही समान संतति अथवा संतान उत्पन्न करने की प्रक्रिया जनन कहलाती है। 

janan kise kahate hain चलिए दोस्तों अब हम आपको बताते हैं, कि जनन किसे कहते हैं? janan kise kahate hain आज हम आपको janan kise kahate hain
इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे, इसके अलावा जानेंगे कि जनन की परिभाषा क्या होती है।

दोस्तों यह तो आप सभी लोग जानते हैं, कि पृथ्वी पर हर जीव जन्म लेता है और मरता है। इसी जन्म लेने की प्रक्रिया को जन्म कहते हैं। सभी जीवो को जनन की आवश्यकता होती है, ताकि वह अपनी बेटी को आगे बढ़ा सकें।

तो चलिए अब janan kise kahate hain
इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
जनन की परिभाषा (Janan kya hai) सभी लोग अपनी पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए जनन करते हैं, चाहे वह मनुष्य हो या जानवर या पेड़ पौधे सभी अपने उत्तराधिकारी को इस दुनिया में लाने के लिए जनन करते हैं।

सभी की जनन की प्रक्रिया अलग-अलग होती है। अगर इंसान जनन करता है, तो वह मनुष्य को पैदा करता है। पशु पक्षी अंडों का जनन करते हैं। पेड़ पौधे बीजों का जनन करते हैं, लेकिन इस दुनिया में अपनी पीढ़ी को आगे बढ़ाने के लिए सभी को जनन करना पड़ता है।

जिस प्रकार के जीव होते हैं। उसी प्रकार से जनन किया जाता है‌ अलग-अलग प्रकार के जीव अलग-अलग प्रकार जनन की प्रक्रिया करते हैं सभी जीव प्राणी इसीलिए जनन करते हैं, ताकि उनकी प्रजाति की पीढ़ी आगे चलती रहे।

janan kise kahate hain नमस्कार दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कि janan kise kahate hain जनन किसे कहते हैं। इसके अलावा हम आज यह जानेंगे कि जनन की आवश्यकता क्यों होती है, तो चलिए जानते हैं कि janan kise kahate hain जनन किसे कहते हैं, जनन में अपने ही संतति अथवा संतान उत्पन्न करने की प्रक्रिया जनन कहलाती है।

इसके अलावा जनन क्या है Janan Kya Hai इसके बारे में जानने के लिए हमारे इस आर्टिकल को पूरा बड़े इसमें आपको जन्म से संबंधित सभी जानकारियां मिल जाएंगे। इसके अलावा आप हमसे जन्म से संबंधित और भी कई सारे सवाल पूछ सकते हैं इसके लिए नीचे कमेंट करें।

जनन दो प्रकार के होते हैं

लैंगिक जनन
अलैंगिक जनन

जनन कितने प्रकार के होते हैं? janan kitne parkar ke hote hai

Type of janan यह तो आप लोग जानते ही होंगे कि janan कितने प्रकार के होते हैं। अगर आप यह नहीं जानते हैं, तो हम आपको बताते हैं, कि जन्म kitne प्रकार के होते हैं।

पृथ्वी पर रहने वाले सभी जीवो के लिए जनन (janan) बहुत ही जरूरी प्रक्रिया होती है। इसी प्रक्रिया से उनका वंश (vansh) आगे बढ़ता है।

इसीलिए जनन (janan) की प्रक्रिया बहुत ही जरूरी होती है।इसके अलावा जन्म की प्रक्रिया क्यों जरूरी होती है। यह हम आपको आगे बताएंगे।

इसके लिए इस आर्टिकल(article) को आगे पढ़े, तो चलिए बात करते हैं।

Janan कितने प्रकार के होते हैं। Janan दो प्रकार के होते हैं।

1 लैंगिक जनन (langik janan)
2 अलैंगिक जनन (alangik janan)

1 लैंगिक जनन (langik janan) चलिए अब बात करते हैं। लैंगिक जनन के बारे में (langik janan) का मतलब होता है। जिसमें दो व्यक्ति मिलकर किसी नए जीव को जन्म देते हैं।

उसे लैंगिक जनन कहते हैं। जिसमें हम मनुष्य की बात कररहे हैं। मनुष्य नर और मादा दोनों प्राणियों को जन्म देता है।

2 अलैंगिक जनन (alangik janan)अलैंगिक जनन का मतलब होता है। कोई एक ही जीव किसी नए जीव को जन्म देता है उसे (alangik janan) करते हैं।

(alangik janan) में भी कई सारे जीव आते हैं। जो अकेले ही अपने बच्चे को जन्म देते हैं।

जनन किसे कहते हैं? janan kyo avashyak hai

जनन किसे कहते हैं। क्या होता है। यह सवाल तो हमने 10वीं मैं खूब पढ़ा था, कि (janan) किसे कहते हैं। और (janan) क्यों आवश्यक है।

जनन किसे कहते हैं?

जनन प्रत्येक जीव अपने समान ही नया जीव उत्पन्न करता है। इस प्रक्रिया इस क्रिया को (janan) कहते हैं। जैसे कि मनुष्य अपने ही समान किसी प्राणी को जन्म देता है।

जिसमें नर और मादा दोनों होते हैं। उसी प्रकार जानवर भी अपने ही समानकिसी नए जीव को जन्म देता है। उसे (janan) कहते हैं।

janan kyo avashyak hai janan क्यों आवश्यक है।

अब हम आपको बताते हैं। janan क्यों आवश्यक है। जनन (janan) किस चीज के लिए आवश्यक है। जनन क्यों होता है।

जब कोई प्राणी किसी नए प्राणी को जन्म देता है, या ने शिशु को जन्म देता है। उसे जन्म कहते हैं। जनन जाति की निरंतरता (nirantarta) एवं उत्तरजीविता (uttarjeevitha) बनाए।

रखने के लिए आवश्यक होता है। विज्ञान (vigyan) के अनुसार हर प्राणी अपनी जाति (jaati) को आगे बढ़ाने के लिए नए जीव (jiv) को जन्म देता है।

मतलब अपने वंश को आगे बढ़ाता है। यही प्रकृति का नियम है। हम अपनी jati का वंश को कभी भी नहीं छोड़ सकते हैं।

हमें अपने जाति का कर्तव्य (kartavya) हमेशा निभाना पड़ता है, इसीलिए अपनी ज्योति (joyti)की निरंतरता को बनाए। रखने के लिए हम अपने वंश को आगे बढ़ाते हैं।

मतलब नए प्राणी(prani) को जन्म देते हैं, क्योंकि जब हम हम नए प्राणी (prani) को जन्म देते हैं, तो वह हमारी jati को आगे बढ़ाता रहता है।

हमारे वंश को आगे बढ़ाता है।उसके बाद उसका वंश है उस जाति को आगे बढ़ाता है।

अलैंगिक जनन किसे कहते हैं? laingik janan kise kahate hain

अलैंगिक जनन (laingik janan kise kahate hain) अलैंगिक जनन का मतलब होता है। कोई एक ही जी किसी नए jiv को janan देता है। उसे अलैंगिक जनन करते हैं।

अलैंगिक जनन (laingik janan) में भी कई सारे जीव आते हैं। जो अकेले ही अपने बच्चे को जन्म देते हैं‌। Pratyek jeev के jivan का प्रारंभ एक koshika से होता है।

वह कोशिका(koshika)एक ही चीज द्वारा प्रदान की जाती है, तो उसे अलैंगिक जनन (laingik janan) कहते हैं, और अगर वह कोशिका कई सारे जनक द्वारा दी जाए, तो वह लैंगिक जनन कहते हैं।

लैंगिक जनन किसे कहते हैं? langik janan kise kahate Hain

लैंगिक जनन किसे कहते हैं। langik janan kise kahate Hain इस जन्म में दो व्यक्तियों की आवश्यकता जनन लिए होती है। उसे लैंगिक जनन(langik janan) कहते हैं।

मतलब अगर कोई दो व्यक्ति यानी नर और मादा मिलकर किसी प्राणी या नए शिशु (shishu)को जन्म देते हैं। उसे भी लैंगिक जनन (langik janan) कहते हैं।

जैसे मनुष्य का जन्म एक (langik janan) होता है। क्योंकि मनुष्य दो व्यक्तियों से मिलकर बना हुआ होता है।

निषेचन किसे कहते हैं? nishechan kise kahate hain

nishechan kya hai आइए दोस्तों अब हम आपको बताते हैं। निषेचन क्या है। निषेचन की प्रक्रिया क्या होती है।

निषेचन किसे कहते हैं। (nishechan kise kahate hain)हम आपको बताते हैं। निषेचन (nishechan) नर तथा मादा के संयोजन(sanyojan) की क्रिया (kriya) को निषेचन कहते हैं।

सर्वप्रथम निषेचन का अध्ययन स्ट्रास बर्गर (strassburger) ने 1984 में किया था। नर और मादा के निषेचन (nishechan) से नए प्राणी के नए शिशु का जन्म होता है।

निषेचन (nishechan) की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होती है। मनुष्य (manushya)में माता के अंडाणु और नहर के शुक्राणु मिलकर नए जीव को उत्पन्न करते हैं।

उसे nishechan कहते हैं, चलिए अब हम आपको बताते हैं nishechan कितने प्रकार के होते हैं। निषेचन दो प्रकार के होते हैं।

1 बाह्य निषेचन ( vayu nishechan)
2 आंतरिक निषेचन (aantrik nishechan

प्रजनन किसे कहते हैं? prajnan kise kahate hain

चलिए बात करते हैं। प्रजनन किसे कहते हैं।(prajnan kise kahate hain) जी हां दोस्तों अगर आप नहीं चाहते, कि प्रजनन (prajnan)किसे तो हम आपको बताते हैं, कि प्रजनन किसे कहते हैं। (prajnan) की प्रक्रिया किस प्रकार होती है।

जीव द्वारा अपने संतान (suntan) को उत्पन्न करने की प्रक्रिया को प्रजनन (prajnan) कहते हैं। अलग-अलग जीवो में अलग-अलग प्रकार से प्रजनन(prajnan) होता है। किसी जीव को अंडे (ege) उत्पन्न होते हैं।

जिसमें से उसके बच्चे (Bache) निकलते हैं, और कोई जीव सीधे ही बच्चे को जन्म देता है। इस प्रक्रिया को ही प्रजनन (prajnan) कहते हैं।

यह सवाल कई बार हमारे कक्षा के परीक्षा(exam) में आते हैं। इसे prajnan किसे कहते हैं। इसके अलावा हमने इस person का uttar भी अवश्य दिया है।

विज्ञान में जनन (prajnan) का बहुत महत्व होता है। आपने भी अपनी परीक्षा में ऐसे सवाल को देखा होगा। ऐसे सवाल का जवाब दिया होगा।

(prajnan) किसे कहते हैं, तो अब तो आप समझ ही गए होंगे कि प्रजनन (prajnan) किसे कहते हैं। जीव द्वारा अपनी संतान को उत्पन्न करने की प्रक्रिया को प्रजनन (prajnan) कहते हैं।

शुक्राणु जनन क्या है? shukranu janan kya hai

शुक्राणु की संरचना आइए दोस्तों अब आपको बताते हैं, शुक्राणु जनन क्या है, (shukranu janan kya hai) और शुक्राणु की संरचना किस प्रकार होती है।

वर्षण (version) के शुक्रजनन नलिका (shukrajanan nalika)में आदिबिजीकोशिकाओं से शुक्राणुओं (shukranu) का निर्माण को शुक्राणु (shukranu) जनन कहते हैं। शुक्राणु जनन का मतलब होता है

स्त्री के शरीर के अंदर जो अंडाणु पाए जाते हैं। जिससे वह pregnant होती है। उसे ही शुक्राणु जनन कहते हैं। पुरुष (purush) के वीर्य (virya) के अंदर जो पाया जाता है। उसे शुक्राणु कहते हैं।

जब भी पुरुष और स्त्री एक दूसरे के साथ nishechan करते हैं। पुरुष का वीर्य स्त्री की योनि (yoni) में निकल जाता है।

तो उस समय पुरुष का शुक्राणु और महिला का अंडाणु एक दूसरे के साथ निषेचन करते हैं। जिसके बाद वह एक दूसरे के साथ nishechan करके बच्चा (baccha)उत्पन्न करते हैं‌।

पौधों में जनन अंग कहां पाए जाते हैं। paudhon mein janan ang kha paye jaate Hain

चलिए अब हम आपको बताते हैं। पौधे में जननांग कहां पाया जाता है, (paudhon mein janan ang kha paye jaate Hain)क्या आप यह जानते हैं, कि पौधे के नर भाग को क्या कहते हैं, और मादा भाग को क्या कहते हैं।

अगर आप यह नहीं जानते हैं, तो हम आपको बताते हैं। अगर आपको यह जानना है, तो इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें पौधों में नर भाग ऐथर (ethar) और मादा बाघ स्टिग्मा (Bagh stigma) कहते हैं।

पौधे में नर और मादा दोनों के भाग पाए जाते हैं। चलिए अब बात करते हैं। पौधों में जनन अंग कहां पाया जाता है। पौधों में जनन अंग फूलों में पाया जाता है।

मेरे भाग में पाए जाने वाले फूलों को नर का जाता है, और माता वाले भाग में पाए जाने वाले पौधों को मादा का जाता है।

मादा तो दोस्तों अब तो आप समझ ही गए होंगे, कि पौधों में जनन अंग कहां होता है।

दोहरा निषेचन किसे कहते हैं? dohra nishechan kise kahate Hain

आइए दोस्तों अब हम आपको बताते हैं। दोहरा निषेचन किसे कहते हैं। (dohra nishechan kise kahate Hain) हां दोस्त अगर आप नहीं जानते क्या होता है, तो हम आपको बता देंगे दोहरा nishechan किसे कहते हैं।

जब वाले पौधों में nishechan दो बार हो जाता है, तो उसे दोहरा निषेचन (dohra nishechan) कहते हैं। इस प्रक्रिया को दोहरा निषेचन कहते हैं। मतलब पौधों में निषेचन दो बार हो जाता है।

जब पौधों में दो बार निषेचन हो जाता है। उसे दोहरा निषेचन (dohra nishechan) कहते हैं। अगर मनुष्य में दो बार nishechan हो जाता है, तो उसे दो बच्चे (bacche)हो सकते हैं।

इसका असर मनुष्य और पौधों पर बराबर पड़ता है। वैसे तो ऐसा बहुत ही कम होता है, लेकिन अगर कहीं बार मनुष्य में (dohra nishechan) हो जाता है, तो उन्हें उनके दो बच्चे होते हैं।

वैसे यह प्रक्रिया बहुत ही कम होती है स्त्री और पुरुष में एक ही बार (nishechan)होता है। जिससे कि वह प्रेग्नेंट (pregnant) हो जाती है।