हरी थी मन भरी थी नो लाख मोतियों से जड़ी थी राजा जी के खेत में दुप्पटा ओढ़े खड़ी थी। Hari thi man bhari thi 9 lakh motiyon se Judi thi raja ji ke khet mein dupatta aude khadi thi

आइए दोस्तों जानते हैं। इस majedar paheliyan का मतलब क्या है, जी हां दोस्तों हम जो आपको पहली बताने जा रहे हैं, या सुनाने जा रहे हैं। वह बहुत ही majedar paheliyan है।

जिसको सुनकर आप भी सोचने लगेंगे, कि इसका क्या मतलब हो सकता है। अगर इस paheli का answer जाना चाहते हैं, तो इस article को पूरा पढ़ें।

पहेली है। हरी थी मन भरी थी नो lakh motiyon से जड़ी थी। राजा जी के khet में dupatta ओढ़े खड़ी थी। मतलब हरी थी। मन भरी थी इसका अर्थ है।

ऐसी कोई चीज जो हरी थी। मतलब बिल्कुल Jawan थी मन भरी थी इसका अर्थ है। मन को भाने वाली थी। majedar paheliyan से जुड़ी थी। इसका अर्थ है।

उसके ऊपर majedar paheliyan जड़े हुए थे। ऐसी kon सी चीज है। जिसके अनगिनत मोती जुड़े हुए थे। Rajaji के khet में dupatta ओढ़े खड़ी थी।

Rajaji मतलब अपने Malik के खेत में dupatta ओढ़कर खड़ी थी। मतलब हरी थी। मन भरी थी नो लाख मोतियों से जड़ी थी। राजा जी के खेत में दुप्पटा ओढ़े खड़ी थी।

इस पहेली का अर्थ अब हम आपको बताते हैं। इस पहेली का अर्थ है। भुट्टा (Buddha) या मक्का क्योंकि मक्का ही एक ऐसी chaji है। जिसका ऊपरी भाग hara होता है।

इसके अलावा है देखने में भी सबको बहुत beautiful लगता है। सबको मन भाने वाला लगता है। भुट्टे के ऊपर कई सारे moti जैसे दाने जुड़े हुए होते हैं।

जिससे कि वह moti लगते हैं। जैसे कोई sone के मोती चमक रहे हो और raja ji यानी अपने मालिक के खेत में दुपट्टा ओढ़कर खड़े रहते हैं।

मतलब भुट्टे के ऊपर जोक kavach लगा हुआ होता है। उसे ही dupatta कहा गया है। भुट्टे के दानों को बचाने के लिए उसके ऊपर एक kavach होता है।

जिसे ही दुपट्टा का जाता है, इसीलिए इस paheli का यही अर्थ है। हरी थी मन भरी थी। नो लाख मोतियों से जड़ी थी। Raja ji के खेत में दुप्पटा ओढ़े खड़ी थी भुट्टा‌।

आपको पहेली कैसी लगी नीचे comment अवश्य करें, और अगर आपको भी ऐसी majedar paheliyan पूछनी है, तो हमें नीचे comment box में अपना questions भेजें।

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