अकबर के वित्त मंत्री कौन थे। akbar ka vitt mantri kaun tha . मुगलों का शासन हमारे desh में कितने लंबे समय तक था यह तो हम सब जानते है। मुगलों ने अपने शासन के timeकई सारे अच्छे काम किए । कई मुगल शासक बुरे भी थे

पर वहीं कई बहुत अच्छे भी थे । उन्हीं अच्छे शासकों ने से एक माना जाता है akbar को । Akbar अपने नेक कामो और अपनी दरिया दिली के कारण जाने जाते है।

उन्होंने अपने राज में अपनी मुगल प्रजा साथ साथ hindu प्रजा को भी किसी तरह की कोई तकलीफ़ नहीं दी। Akbar अपनी नेकी के लिए तू जाने जाते हैं पर इसके साथ-साथ वह अपनी चतुराई और वीरता के लिए भी काफी famous है।

जो राजा इतना समझदार और चतुर हो उसके मंत्री और उसकी सभा के बाकी लोग तो मूर्ख हो ही नहीं सकते। यह माना जाता है कि akbar की सभा में उसके नवरत्न हुआ करते थे

यह नवरत्न उसके नो मंत्री थे जो चतुराई और अनोखी गुणों के कारण जाने जाते थे। इनमें सबसे चतुर और सबसे खास था बीरबल। आज के article में हम आपको Akbar के जीवन और उनसे जुड़ी हुई बातें बताएंगे।

चलिए शुरू करते हैं। सबसे पहले आपको बताते हैं कि akbar के वित्त मंत्री कौन थे।राजा टोडरमल akbar के वित्त मंत्री थे।Raja todarmal बादशाह अकबर के सभा के नवरत्नों में से एक थे।

अकबर की कहानी- akbar ki kahani

शायद ही ऐसा कोई होगा जिसने akbar और बीरबल की कहानियां नहीं सुनी होंगी। अब आपको बताएंगे अकबर के navratan में से खास कौन थे? बीरबल कौन थे?

Akbar birbal की stories हमेशा से सभी के लिए प्रेरणादायक रही है। Birbal ने अपनी चतुराई से कई बार बादशाह akbar के दरबार में आए पेचीदा मामलों को सुलझाया है

साथ ही badshah akbar की दी गई चुनौतियां का समाधान निकाला और उन्हें हल किया। Akbarअपने नवरत्नों में से सबसे होनहार सबसे काबिल बीरबल को मानते थे।

Birbal उनके मंत्री होने के साथ-साथ उनके काफी अच्छे मित्र भी थे।हम सब ने अपने बचपन में और कई किताबों मे बीरबल की चतुराई की कई सारी kahaniyan सुनी होंगी।

अकबर का इतिहास बताइए। akbar history in hindi

अब हम आपको बताएंगे कि akbar का जन्म कब हुआ उन्होंने कब अपनी राजगद्दी संभाली और उनके बारे में और भी कई सारी बातें हैं।

जलालुद्दीन मोहम्मद akbar का birth 15 October 1542 ई. मैं अमरकोट में हुआ। akbar का जन्म पूर्णिमा के दिन हुआ था। इसलिए उनका नाम बदरुद्दीन मोहम्मद अकबर रखा गया था।

Akbar का पालन पोषण उनकी दूध माता माहम अनगा ने किया था।अकबर को Badshah बनाया गया या फिर आसान शब्दों में कहा जाए तो akbar का राज्याभिषेक हुआ था 14 फरवरी 1556 ई मैं punjab के कलानौर मैं हुआ था।अकबर की दूध माता maham जिन्होंने उन्हें पाला पोसा था वह हमेशा उनके खिलाफ साजिश करती रहती थी।

Jalaluddin Akbar को उनकी प्रजा के लोग akbar महान के नाम से पुकारते थे क्योंकि अकबर को भगवान के समान मानते थे। इसका कारण यह था कि akbar ने हमेशा हर काम अपनी प्रजा को देखते हुए किया

हर काम उनके हित में किया। Badshah akbar पहले ऐसे mughal शासक थे जिन्हें हिंदू और मुसलमानों दोनों धर्मों के लोगों से बराबर प्रेम और सम्मान मिला है।

बादशाह akbar ने अपनी सल्तनत की प्रजा में कभी भी किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं किया उन्होंने हमेशा हिंदू मुसलमानों को एक ही नजरिए से देखा गया था।

Badshah अकबर को सबसे ताकतवर शासकों में से एक माना जाता है। Akbar ने बहुत ही कम उम्र में राज पाठ संभाल लिया था और उसके साथ साथ ही उन्होंने हर जगह अपनी अच्छाई से और नेकी से लोगों का दिल जीता गया है।

history of mughal badshah akbar in hindi . मुगल बादशाह अकबर का इतिहास बताइए

अब आपको बताएंगे मुगल बादशाह अकबर के बारे में कि उन्होंने क्या-क्या किया?अकबर कौन थे?कितने लोग किस नाम से जानते थे?मैं कौन से वंश से थे?

Akbar तैमूरी वंशावली के mughal वंश का तीसरा शासक था। Akbar को अकबर ए आज़म शहंशाह अकबर भी कहा जाता था। akbar ने साम्राज्य की एकता बनाए रखने के लिए ऐसी नीतियां अपनाई

जिससे गैर मुसलमानों की राजभक्ति जीती जा सके।
अकबर को लोग इतना ज्यादा पसंद करते थे उनसे इतना प्रेम करते थे कि उन्हें खुदा के समान मानते थे। Akbar ने अपने शासन के time हिन्दुओं के तीर्थ पर जो लगान थी

उसे भी माफ करवा दिया था इसी वजह से हिंदुओं में उनके प्रति प्रेम बढ़ गया और प्रजा में जो लोग गैर मुसलमानी थे वह भी उन्हें प्यार और respect देने लगे।Akbarएक अच्छे शासक होने के साथ-साथ एक अच्छे योद्धा भी थे।

अकबर की महाराणा प्रताप के साथ haldighati का युद्ध 18 जून 1576 ई मैं हुआ था। यह कहा जाता है कि इस युद्ध में ना ही akbarहरे और ना ही महाराणा pratapमहाराणा ने आखरी timeतक अपनी हार नहीं मानी और मान और सम्मान के साथ लड़े।

क्योंकि akbar और महाराणा प्रताप दोनों ही बहुत अच्छे शासक और योद्धा माने जाते थे।Jalaluddin Muhammad Akbar ने ही बुलंद दरवाजे का निर्माण करवाया था। Buland darwaze का निर्माण उस समय के सबसे चर्चित निर्माण में से एक रहा था।

akbar ke kitne bete the. अकबर के कितने बेटे थे।

अब अगर अकबर की जीवन शैली की बात की जा रही है और उनके परिवार की बात ना की जाए ऐसा तो हो ही नहीं सकता है।

हम आपको बताएंगे अकबर के कितने बेटे थे?अकबर के बेटे कौन कौन थे?अकबर के बेटे का क्या नाम था? जलालुद्दीन मोहम्मद akbar के 5 बेटे थे।

अकबर के बेटे का नाम – Akbar ke bete ka naam

  1. जहांगीर Jahangir
  2. सुल्तान मुराद मिर्जा. Sultan Murad Mirza
  3. प्रिंस दानियल Prince Daniel
  4. हुसैन Hussain
  5. हसन Hassan

Akbar को अपने पांचों बेटों में से सबसे बड़ा बेटा जो कि jahangir था वह सबसे ज्यादा अजीज और प्यारा था। जहांगीर का बचपन का नाम salim था। अकबर सलीम को प्यार से शेखू बाबा कहकर बुलाते थे।

Jahangir यानी सलीम mughal वंश के चौथे शासक बने। जहांगीर भी अपने पिता की तरह ही एक अच्छे शासक और वीर योद्धा थे। जहांगीर की मां का नाम jodha था जिनका नाम बदलकर बादशाह akbar ने बाद में मरियम उज ज़मानी रख दिया था।

akbar ki jivani biography of akbar in hindi अकबर की जीवनी बायोग्राफी के बारे में बताइए

जलालुद्दीन मोहम्मद akbar महान नसीरुद्दीन हुमायूंं के पुत्र थे। अकबर का जन्म 15 October 1542 ओ सकि राजपूत किले अमरकोट में हुआ था। जब akbar के पिता हुमायूं की एक दुर्घटना में death हो गई

तब 14 फरवरी 1556 में अकबर ने सिंहासन संभाला। Akbar का पालन पोषण उनकी दूध माता maham के द्वारा हुआ था। अकबर को जन्म देने वाली मां का नाम था

hamida bano अकबर ने बहुत ही कम उम्र में अपने पिता की मृत्यु के बाद राज पाठ संभाल लिया था। Akbar ने जिस समय राजपाठ संभाला उस समय उनकी उम्र केवल 13 साल थी।

अकबर बचपन से ही हर चीज में माहिर थे। उन्होंने अपनी युवावस्था में ही शिकार करना तलवार चलाना सीख लिया था। Akbar के पिता हुमायूं के मंत्री bairam khan अकबर के खास थे।

बैरम खान की मदद से अकबर ने लगभग पूरे भारत पर mughal राज किया था। अकबर अपनी वीरता अपने दयालु स्वभाव के लिए तो जाने ही जाते हैं

इसके अलावा वह अपने दरबार के नवरत्नों के कारण भी बहुत प्रसिद्ध थे।Akbar के दरबार में navratan यानी उनके नौ मंत्री थे जिनके पास अद्भुत गुण थे और वह हर चीज में निपुण थे।

Akbar के नवरत्नों में शामिल थे- बीरबल, तानसेन, फैजी, राजा मानसिंह, राजा टोडरमल, अबुल फजल, अब्दुल रहीम, फकीर अजियो दिन, मुल्लाह दो प्याजा

यह सभी अकबर के दरबार के navratan थे। Akbar ke Darbar mein kitne Navratan the

इसके अलावा वह अपने दरबार के नवरत्नों के कारण भी बहुत प्रसिद्ध थे।Akbar के दरबार में navratan यानी उनके नौ मंत्री थे जिनके पास अद्भुत गुण थे और वह हर चीज में निपुण थे।

Akbar के नवरत्नों में शामिल थे- बीरबल, तानसेन, फैजी, राजा मानसिंह, राजा टोडरमल, अबुल फजल, अब्दुल रहीम, फकीर अजियो दिन, मुल्लाह दो प्याजा

अकबर कौन था ? akbar kaun tha ?

अब आपको बताएंगे अकबर कौन था? अकबर कहां का शासक था? अकबर को लोग किस नाम से जानते थे? जलालुद्दीन मोहम्मद akbar सेमरी वंशावली के मुगल वंश का शासक था।

akbar को अकबर ए आजम शहंशाह akbar महाबली शहंशाह के नाम से भी जाना जाता था समार्ट akbar मुगक साम्राज्य के संस्थापक जहीरुद्दीन मोहम्मद babur का पुत्र और ससीरुद्दीन हिमायू एम हमीदा बानो का पुत्र था।

A feekbar ko को लोग अकबर ए महान के नाम से बुलाते थे।लोग अकबर को खुदा के समान मानते थे क्योंकि akbarने हमेशा अपनी प्रजा के लिए सोचा और उनकी हित के लिए बहुत से कार्य किए।

जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर mughal वंश के तीसरे शासक थे जिन्होंने पूरे भारत पर राज किया था। 7vAkbarकी वीरता और महानता के बारे में हर जगह चर्चे रहते थे।

Akbar का महारानी जोधाबाई से निकाह होने के बाद उन्होंने पूरी TV my से गैर मुसलमानों और और hindustan को जीत लिया था। अकबर एक अच्छे शासक होने के साथ-साथ ही mahaan योद्धा भी थे।

अकबर का इतिहास – akbar ka itihas hindi me

आपको बताएंगे अकबर के इतिहास के बारे में अकबर का जन्म कहां हुआ?अकबर का जन्म कब हुआ? अकबर का पालन किसने किया?

Akbar का birth राजपूत शासक राणा अमरसाल के महल उमेरकोट सिंध वर्तमान पाकिस्तान में 23 November 1542 हिजरी अनुसार रज्जब 949 के चौथे दिन हुआ था।

यहां बादशाह हिमायू अपने विवाहिता बेगम hamida बानो बेगम के साथ शरण लिए हुए थे इस पुत्र का नाम हिमायू ने जलालुद्दीन मोहम्मद रखा। Akbar बचपन से ही हर काम में निपुण थे।

अकबर का पालन पोषण उनकी दूध माता महान द्वारा हुआ था। क्योंकि उनके माता-पिता को दुश्मनों के कारण akbar को खुद से दूर रखना पड़ा था।

अकबर अपनी युवावस्था से ही तलवारबाजी और शिकार में माहिर हो गए थे। Akbarके पिता Humayun की मृत्यु के बाद उन्होंने केवल 13 साल की उम्र में ही राजगद्दी संभाली थी।

पर उन्होंने अपनी उम्र का प्रभाव कभी भी अपने शासन पर नहीं पड़ने दिया। Akbar के पिता हुमायूं के मंत्री बैरम खान(bairam खान) युवावस्था से ही हर कार्य में उनका साथ दिया और उन्हें मार्गदर्शन दिया।

kbar का सबसे चर्चित योद्धा maharana pratap के साथ हल्दीघाटी युद्ध्यह युद्ध अकबर और mewar के राणा महाराणा pratap बीच हुआ था। कहा जाता है

कि इस युद्ध में महाराणा प्रताप और akbar दोनों में से कोई नहीं हारा पर आखरी दम तक दोनों ने अपनी हार नहीं कुबूली और पूरे सम्मान के साथ युद्ध लड़ा था।

अकबर की कितनी पत्नियां थीं ? Akbar ki kitni patniya thi ?

अब हम आपको बताएंगे अकबर की कितनी पत्नियां थी? अकबर को सबसे प्रिय कौन सी पत्नी थी।Akbar की कुल 7 पत्नियां थी। राजा की यह सातों रानियां अपने आप में खास तो थी ही साथ ही akbar के जीवन में इनकी खास importance थी।

कहा जाता है कि अकबर की सारी पत्नियों में से उन्हें सबसे ज्यादा प्रिय jodha बेगम थी। जोधा एक हिंदू राजकुमारी थी जिनसे nikah के बाद akbar ने उनका नाम मरियम उज जमानी रख दिया था।

Akbar को jodha से 1 पुत्र था जिसका नाम salim रखा गया था। सलीम akbar का सबसे बड़ा पुत्र था। Salim का नाम बाद में जहांगीर रख दिया गया था।

सलीम अपने पिता के बाद mughal वंश के चौथे शासक बने, और अपने पिता के ही समान सलीम भी एक अच्छे शासक साबित हुए।

अकबर के पिता का नाम क्या था ? akbar ke pita ka naam ?

Nasiruddin हुमायूं mughal वंश के दूसरे शासक थे।अकबर के पिता नसीरुद्दीन हुमायूं का जन्म काबुल afganisthan में हुआ था। Humanyun की मृत्यु 27 जनवरी 1556 में हुई थी।

अकबर की पत्नी का नाम क्या था ? akbar ki patni ka naam ?

अब आपको बताते हैं अकबर की कितनी पत्नियां थी?अकबर की पत्नियों के नाम क्या थे।

Akbar की 7 पत्नियां थी
अकबर की पत्नियों के नाम

  1. रुकयया सुल्तान
  2. सलीमा सुल्तान
  3. जोधा
  4. बीबी दौलत शाद
  5. कसीमा बानू
  6. बककरी बेगम
  7. गोहर उन निस्सा

कहा जाता है कि akbar की सभी पत्नियों में उन्हें सबसे प्रिय थी जोधा। Jodha उनके सबसे बड़े बेटे jahangir उर्फ salim की मां थी। जोधा उर्फ मरियम उज़-ज़मानी amer के राजा भारमल की पुत्री थी।
Jodha एक हिंदू राजपूत राजकुमारी थी।?

अकबर का जन्म कहां हुआ था ? akbar ka janm kahan hua tha ?

अकबर का जन्म कब हुआ था? अकबर का जन्म कहां हुआ था? अकबर का जन्म umarkot के किले में हुआ था। उमरकोट वर्तमान में pakistan में हुआ था। Akbar का birth 15 October 1542 में हुआ था। Akbar का जन्म umarkot के किले में इसलिए हुआ

क्योंकि वहां उनके पिता हुमायूं और उनकी मां हमीदा बानो शरणार्थी बनकर शरण लिए हुए थे। Abkar के पिता माया ने वहां शरण अपने दुश्मनों के आक्रमण से बचने के लिए ली थी।

इन्हीं दुश्मनों से बचाने के लिए akbar के पिता हुमायूं ने उन्हें खुद से दूर रख कर उनका पालन करवाया। और humanyun ki मृत्यु के बाद आखिरकार 13 साल की उम्र में akbar ने शासन संभाला।

अकबर को किसने मारा था ? Akbar ko kisne mara tha ?

अब आपको बताते हैं की अकबर की मृत्यु कैसे हुई?
Akbar को किसने मारा? अकबर एक बहुत ही महान योद्धा और अच्छे शासक थे।

Akbar की मृत्यु का कारण कोई युद्ध या उनका कोई दुश्मन नहीं था बल्कि अकबर की मृत्यु कारण उनकी एक bimari थी।अकबर को पेचिश की बीमारी थी।

Akbar एक महान योद्धा थे उन्होंने कभी किसी से हार नहीं मानी परंतु वह अपनी इस बीमारी के आगे नहीं जीत पाए। और यही bimari उनकी मृत्यु का कारण बनी।

पेचिश की बीमारी से अकबर काफी ज्यादा परेशान थे और इस बीमारी का treatment भी नहीं करवाया जा रहा था। इसलिए अंत में akbar की death पेचिश के कारण ही हो गई।

यह थी कुछ information महान मुगल शासन जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर के बारे में।
उम्मीद है आपको हमारा आज का article पसंद आया होगा।
धन्यवाद…!